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लिठहै बहà¥à¤¤ आसान काम
माता-पिता अपने बचà¥â€à¤šà¥‡ को खà¥à¤¶ रखने के लिठहर संà¤à¤µ कोशिश करते हैं लेकिन हर पेरेंट के लिठयह समठपाना मà¥à¤¶à¥à¤•िल है कि बचà¥â€à¤šà¥‡ को कà¥â€à¤¯à¤¾ चीज सबसे जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ खà¥à¤¶à¥€ देती है। पहली बार पेरेंटà¥à¤¸ बनने पर अकà¥â€à¤¸à¤° बचà¥â€à¤šà¥‡ की जरूरत को समà¤à¤¨à¤¾ मà¥à¤¶à¥à¤•िल लगता है।
असल बात तो यह है कि बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ को समà¤à¤¨à¤¾ जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ मà¥à¤¶à¥à¤•िल नहीं होता है और उनके दà¥à¤–ी होने या अजीब वà¥â€à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° करने के पीछे बहà¥à¤¤ सिंपल सा कारण होता है। छोटे बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ को बस मां-पापा के पà¥â€à¤¯à¤¾à¤°, केयर और अटेंशन की जरूरत होती है। बड़े होने पर उनकी इन जरूरतों में कà¥à¤› और चीजें जà¥à¤¡à¤¼ जाती हैं।
अगर आप à¤à¥€ अपने बचà¥â€à¤šà¥‡ को खà¥à¤¶ देखना चाहते हैं, तो जरा यहां जान लीजिठकि बचà¥â€à¤šà¥‡ को खà¥à¤¶ रहने के लिठकिन चीजों की जरूरत होती है।
​आपके साथ की
अपने बचà¥â€à¤šà¥‡ को हमेशा ये à¤à¤¹à¤¸à¤¾à¤¸ दिलाते रहें कि आप उनके साथ हैं। उनà¥â€à¤¹à¥‡à¤‚ बताà¤à¤‚ कि उनकी हर मà¥à¤¶à¥à¤•िल में आपका सपोरà¥à¤Ÿ उनà¥â€à¤¹à¥‡à¤‚ मिलता रहेगा। इससे बचà¥â€à¤šà¤¾ खà¥à¤²à¤•र अपने मन की बात आपकाे बता पाà¤à¤‚गे।
बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ को अपनी बातों से ये à¤à¤¹à¤¸à¤¾à¤¸ करवाà¤à¤‚ कि वो आपसे अपनी हर तरह की परेशानी शेयर कर सकता है। इससे बचà¥â€à¤šà¥‡ को टीà¤à¤¨à¤œ में होने वाली कई परेशानियों को ठीक तरह से हैंडल करने में मदद मिलेगी। यकीन मानिठआपके बचà¥â€à¤šà¥‡ के लिठआपका सपोरà¥à¤Ÿ बहà¥à¤¤ जरूरी होता है।
​पà¥â€à¤¯à¤¾à¤° और दà¥à¤²à¤¾à¤°
बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ का मन बहà¥à¤¤ नाजà¥à¤• होता है और छोटी-सी बात पर à¤à¥€ उनका दिल टूट जाता है। अपने बचà¥â€à¤šà¥‡ के दिल को पà¥â€à¤¯à¤¾à¤° और दà¥à¤²à¤¾à¤° से à¤à¤° दें। सबसे पहले बचà¥â€à¤šà¥‡ को अपने मां-बाप का और फिर परिवार के अनà¥â€à¤¯ सदसà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚ का पà¥â€à¤¯à¤¾à¤° चाहिठहोता है।
बचà¥â€à¤šà¥‡ को à¤à¤²à¥‡ ही उसकी गलतियों पर डांट दें लेकिन कà¥à¤› अचà¥â€à¤›à¤¾ करने पर उसकी तारीफ करना à¤à¥€ न à¤à¥‚लें। इससे बचà¥â€à¤šà¥‡ को हमेशा यह à¤à¤¹à¤¸à¤¾à¤¸ रहेगा कि आप उससे कितना पà¥â€à¤¯à¤¾à¤° करते हैं। जब à¤à¥€ बचà¥â€à¤šà¤¾ थोड़ा उदास दिखे, उसे गले लगाकर खूब पà¥â€à¤¯à¤¾à¤° दें। इसके बाद आपको खà¥à¤¦ महसूस हो जाà¤à¤—ा कि पà¥â€à¤¯à¤¾à¤° से उसका मà¥à¤°à¤à¤¾à¤¯à¤¾ हà¥à¤† चेहरा कैसे खिल उठा है।
​पेरेंटà¥à¤¸ की खà¥à¤¶à¥€
अगर पेरेंटà¥à¤¸ à¤à¤• साथ खà¥à¤¶ रहेंगे और दोनों के रिशà¥â€à¤¤à¥‡ में खूब पà¥â€à¤¯à¤¾à¤° रहेगा, तो इससे बचà¥â€à¤šà¤¾ à¤à¥€ खà¥à¤¶ रहता है। मां के दà¥à¤–ी होने या रोने पर, बचà¥â€à¤šà¥‡ à¤à¥€ रोना शà¥à¤°à¥‚ कर देते हैं इसलिठअगर आप अपने बचà¥â€à¤šà¥‡ को खà¥à¤¶ देखना चाहते हैं, तो पहले अपने रिलेशनशिप को खà¥à¤¶à¤¹à¤¾à¤² बनाने पर काम करें। पेरेंटà¥à¤¸ के खà¥à¤¶ रहने पर बचà¥â€à¤šà¥‡ à¤à¥€ खà¥à¤¶ राहते हैं।
यह à¤à¥€ पढ़ें : मां-बाप के बीच पà¥â€à¤¯à¤¾à¤° हो, तो संवर जाता है बचà¥â€à¤šà¥‡ का à¤à¤µà¤¿à¤·à¥â€à¤¯
​मदद के लिठबढ़ाà¤à¤‚ हाथ
पेरेंटà¥à¤¸ तो हमेशा अपने बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ की मदद के लिठदिन-रात खड़े रहते हैं लेकिन कई बार इतनी हेलà¥â€à¤ª काफी नहीं होती है। कई बार बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ को पà¥à¤°à¥‹à¤«à¥‡à¤¶à¤¨à¤² हेलà¥â€à¤ª की जरूरत पड़ती है।
सà¥â€à¤•ूल में कोई बात होने, किसी बचà¥â€à¤šà¥‡ के परेशान करने, टीचर के डांटने या घर में ही किसी सदसà¥â€à¤¯ के चà¥à¤ªà¤šà¤¾à¤ª परेशान करने की वजह से बचà¥â€à¤šà¤¾ दà¥à¤–ी या उदास रह सकता है।
à¤à¤¸à¥‡ में सिरà¥à¤« पेरेंटà¥à¤¸ का साथ या हेलà¥â€à¤ª काफी नहीं होती है। अगर आपको अपने बचà¥â€à¤šà¥‡ का उदास या दà¥à¤–ी रहना खटक रहा है, तो उसे डॉकà¥â€à¤Ÿà¤°, काउंसलर या पà¥à¤°à¥‹à¤«à¥‡à¤¶à¤¨à¤² के पास ले जाà¤à¤‚।
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